बीकानेर। बार काउंसिल ऑफ राजस्थान के सदस्य पद के चुनाव में उम्मीदवार और पूर्व बार अध्यक्ष कमल नारायण पुरोहित ने अधिवक्ताओं से प्रथम वरीयता का समर्थन मांगा है। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें मौका मिला तो वे प्रदेशभर में अधिवक्ताओं की जरूरतों के अनुरूप एडवोकेट भवनों के निर्माण के लिए प्रयास करेंगे।
पत्रकार वार्ता में पुरोहित ने अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए कहा कि बार काउंसिल में पारदर्शिता लाना उनका मुख्य उद्देश्य है, ताकि समय पर चुनाव हों और उनसे जुड़े विवाद खत्म हों। उन्होंने एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करवाने और वेलफेयर स्कीम की खामियों को दूर करने का भी संकल्प जताया। दो बार बीकानेर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रह चुके पुरोहित ने वेलफेयर एक्ट में आयु सीमा बढ़ाकर 50 वर्ष किए जाने को अनुचित बताया। उन्होंने कहा कि यदि वे चुने जाते हैं तो इसे फिर से 40 वर्ष करने के लिए प्रयास करेंगे। साथ ही वेलफेयर टिकट में बढ़ोतरी के अनुसार अधिवक्ताओं को मिलने वाले लाभ भी बढ़ाए जाएंगे।
उन्होंने युवा अधिवक्ताओं की समस्याओं पर भी ध्यान देने की बात कही। पुरोहित के अनुसार, नवोदित वकीलों के मार्गदर्शन के लिए राज्य स्तर पर सेमिनार आयोजित किए जाएंगे, जिसमें वरिष्ठ अधिवक्ता अपने अनुभव साझा करेंगे।
अपने पिछले कार्यकाल का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि उनके नेतृत्व में बार एसोसिएशन में कई विकास कार्य हुए, जिनमें वेलफेयर स्कीम, महिला अधिवक्ताओं के लिए कॉमन रूम, नई बिल्डिंग में चैम्बर्स की स्वीकृति, वाटर कूलर, शौचालय और अन्य सुविधाएं शामिल हैं। पुरोहित ने कहा कि वे इन कार्यों की निरंतरता बनाए रखते हुए बार काउंसिल में भी अधिवक्ताओं के हित में काम करेंगे। उन्होंने प्रदेशभर के अधिवक्ताओं से समर्थन की अपील करते हुए भरोसा दिलाया कि वे उनकी उम्मीदों पर खरे उतरेंगे।
